रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने योजना एवं विकास विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और परियोजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। झारखंड मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर उनकी प्रगति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना एवं विकास विभाग राज्य के सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर चालू वित्तीय वर्ष और आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में कार्य करे। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता बताई।

नवाचारी योजनाओं पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवाचारी योजनाओं को गति देने का निर्देश दिया। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि नवाचारी योजनाओं के लिए निर्धारित राशि को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया गया है।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट” की अवधारणा के तहत प्रत्येक जिले के लिए विशेष योजनाओं का चयन करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं और संभावनाओं के अनुरूप विकास को बढ़ावा मिल सके।

पुरानी योजनाओं की होगी समीक्षा

समीक्षा बैठक में पिछले पांच वर्षों से संचालित योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि ऐसी योजनाओं की समीक्षा कर उनके क्रियान्वयन में सुधार लाया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर कम प्रभावी योजनाओं को समाप्त करने पर भी विचार किया जाए।

इसके अलावा केंद्र प्रायोजित योजनाओं की बेहतर निगरानी और तकनीकी सहयोग के लिए एक विशेष परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन पर भी चर्चा हुई।

बजटीय खर्च बढ़ाने पर जोर

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बजटीय राशि के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने योजनागत मदों में कम से कम 75 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

साथ ही उन विभागों की समीक्षा करने का सुझाव दिया गया, जिनका व्यय 60 प्रतिशत से कम रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि कम खर्च वाले विभागों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

अगले 10 वर्षों के लिए तैयार होगा विजन दस्तावेज

बैठक में झारखंड के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए अगले 10 वर्षों के लिए एक व्यापक विजन दस्तावेज तैयार करने का सुझाव भी सामने आया। इस दस्तावेज के माध्यम से राज्य के आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग से ही राज्य को विकास के नए आयाम तक पहुंचाया जा सकता है।

बैठक में योजना एवं विकास मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव मुकेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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