कतर के रास लाफान स्थित गैस प्लांट में हुए भीषण धमाके में झारखंड के जमशेदपुर निवासी राजा अली इमाम की भी मौत हो गई है। इस दुखद घटना की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद उनके परिवार और रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई है। राजा अली इमाम धातकीडीह रोड नंबर-चार ए ब्लॉक के निवासी थे और कतर नेशनल फैसिलिटी सर्विसेज कंपनी में इंस्ट्रूमेंट तकनीशियन के पद पर कार्यरत थे।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
दुर्घटना के बाद से ही राजा अली इमाम के परिवार के लोग उनकी सलामती को लेकर चिंतित थे। मंगलवार को उनकी मौत की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
राजा अली अपने पीछे पत्नी, सात वर्षीय बेटी और पांच वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।
चार वर्षों से कतर में कर रहे थे नौकरी
जानकारी के अनुसार राजा अली इमाम पिछले चार वर्षों से कतर में कार्यरत थे। कुछ समय पहले ही वह ईद की छुट्टी मनाने जमशेदपुर आए थे। परिजनों और दोस्तों के साथ त्योहार मनाने के बाद वह वापस कतर लौट गए थे।
झारखंड आंदोलनकारी गुलरेज खान ने बताया कि राजा अली बेहद मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। कतर लौटने से पहले उन्होंने अपने परिचितों और मित्रों से मुलाकात की थी। हादसे के बाद से अब तक उनका पार्थिव शरीर बरामद नहीं हो पाया है, जिससे परिवार और रिश्तेदारों की चिंता और बढ़ गई है।
बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ था हादसा
यह हादसा रविवार रात कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्रमुख प्राकृतिक गैस निर्यात टर्मिनल में हुआ था। बताया जा रहा है कि बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुए भीषण धमाके के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
कतर के ऊर्जा मंत्री के अनुसार इस हादसे में अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में भारत और पाकिस्तान के नागरिक भी शामिल हैं, जो बड़ी संख्या में वहां कार्यरत हैं।
कई लोग अब भी लापता
धमाके के बाद कतर के गृह मंत्रालय ने 18 लोगों के लापता होने और 54 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। राहत एवं बचाव दल अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। वहीं, प्रभावित परिवार अपने प्रियजनों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
राजा अली इमाम की मौत की खबर से जमशेदपुर के धातकीडीह क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और परिचित परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।
