चक्रधरपुर/पश्चिमी सिंहभूम: झारखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब पश्चिमी सिंहभूम जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों और नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। बंदगांव प्रखंड स्थित प्रसिद्ध हिरणी जलप्रपात इन दिनों पूरी तरह उफान पर है। पिछले चार दिनों से जारी भारी बारिश के कारण जलप्रपात का जलस्तर खतरे के निशान से करीब चार मीटर ऊपर पहुंच गया है।
पर्यटकों के प्रवेश पर रोक, प्रशासन अलर्ट
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जलप्रपात पर तैनात सुरक्षा कर्मी और संबंधित विभाग के अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए पर्यटकों को फिलहाल जलप्रपात के समीप जाने से रोक दिया गया है।
कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा
लगातार बारिश का असर जिले की प्रमुख नदियों पर भी पड़ा है। रोरो, खरकई, संजय-विजय, कोयल और कारो समेत कई नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे बसे इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।
निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने चक्रधरपुर, सोनुआ, गोईलकेरा और मनोहरपुर क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे बिना आवश्यक कारण नदी-नालों के पास न जाएं और पूरी सावधानी बरतें। साथ ही नदी किनारे रहने वाले लोगों को संभावित खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अगले दो-तीन दिन अहम
अधिकारियों के अनुसार यदि अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो जिले की कई नदियां खतरे के निशान को पार कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
