जामताड़ा : जामताड़ा जिले में बकरीद को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। उपायुक्त सिपाही आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने संयुक्त आदेश जारी कर जिले में शांति और सौहार्द बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को आशंका है कि पर्व के दौरान कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

ईदगाह और मस्जिदों के आसपास रहेगी सख्त निगरानी

प्रशासन के अनुसार 28 मई को ईद-उल-जोहा यानी बकरीद मनाई जाएगी। नमाज के दौरान बड़ी संख्या में लोग ईदगाह और मस्जिदों में जुटेंगे। भीड़ अधिक होने की स्थिति में कई जगह सड़कों पर भी नमाज अदा की जाती है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए ईदगाह और मस्जिदों तक जाने वाले रास्तों पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर

जिला प्रशासन ने व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स और लिंक्डइन समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखने का आदेश दिया है। ऐसे पोस्ट, फोटो या संदेश जो किसी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को भड़काने या नफरत फैलाने का प्रयास करेंगे, उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

विवादित इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता

जिन इलाकों में पहले विवाद या तनाव की स्थिति रही है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों को ऐसे लोगों पर नजर रखने को कहा है, जो पहले भी सांप्रदायिक घटनाओं में शामिल रहे हों।

अनुमंडल पदाधिकारी और जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि बकरीद के दौरान पशु तस्करी, अवैध बूचड़खानों और प्रतिबंधित मांस की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

खुले में कुर्बानी नहीं देने की अपील

प्रशासन ने शांति समिति के सदस्यों के माध्यम से लोगों से खुले में कुर्बानी नहीं देने की अपील की है। साथ ही कुर्बानी के बाद बची अनुपयोगी सामग्री का निपटारा साफ-सफाई और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए करने को कहा गया है।

बकरीद के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर पर भड़काऊ गाने या आपत्तिजनक सामग्री बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। ध्वनि की तीव्रता भी तय मानकों के भीतर रखने का निर्देश दिया गया है।

बुधवार से तैनात रहेंगे दंडाधिकारी और पुलिस बल

प्रशासन ने बुधवार दोपहर से ही दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल को अपने-अपने तैनाती स्थल पर मौजूद रहने का आदेश दिया है। स्थिति सामान्य होने तक सभी अधिकारी ड्यूटी पर बने रहेंगे।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष और सभी प्रखंड मुख्यालयों में एम्बुलेंस तथा मेडिकल टीम तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नारायणपुर थाना और जिला मुख्यालय जामताड़ा में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात रहेंगी।



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