रांची : राजधानी में घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर कंपनियों के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। एक ओर जहां कंपनियां बुकिंग से अधिक डिलिवरी का दावा कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में उपभोक्ता घंटों लाइन में लगकर गैस सिलिंडर लेने को मजबूर हैं। समय पर होम डिलिवरी नहीं मिलने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
एजेंसी पर लंबी कतार, घंटों इंतजार
बुधवार को इरगु टोला स्थित कैलाश मंदिर के पास उरांव गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिलिंडर लेने के लिए कतार में खड़े थे। कई घंटे इंतजार के बाद भी गैस वाहन समय पर नहीं पहुंचा।
दोपहर में ऑटो के जरिए सिलिंडर लाकर वितरण किया गया, लेकिन तब तक कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद नहीं मिल रही गैस
उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग करने के बावजूद समय पर गैस नहीं मिल रही है। मजबूर होकर उन्हें खुद एजेंसी पहुंचना पड़ रहा है, जहां घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
60 हजार से ज्यादा सिलिंडर का बैकलॉग
जानकारी के अनुसार, रांची में इस समय घरेलू गैस सिलिंडर का 60 हजार से अधिक बैकलॉग चल रहा है। सप्लाई व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के कारण डिलिवरी में लगातार देरी हो रही है और कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
शादी के सीजन में बढ़ी मांग
शादी-विवाह के सीजन के चलते घरेलू और कॉमर्शियल दोनों प्रकार के सिलिंडर की मांग में तेजी आई है। खासकर कॉमर्शियल गैस की डिमांड में बड़ा उछाल देखा जा रहा है। वर्तमान में 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलिंडर की सीमित आपूर्ति की जा रही है।
सीमित वितरण और नियम
फिलहाल एक व्यक्ति को अधिकतम तीन कॉमर्शियल सिलिंडर ही दिए जा रहे हैं। इसके लिए जिला आपूर्ति कार्यालय से अनुमति आवश्यक है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद ही एजेंसियों को सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी डिपॉजिट और रिफिल शुल्क भी लिया जा रहा है।
