गुमला: झारखंड के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड की नवागढ़ पंचायत स्थित आदिवासी बहुल गेतुपानी गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। प्रखंड मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में 31 परिवार रहते हैं, लेकिन यहां के लोगों को आज भी शुद्ध पेयजल, सड़क, बिजली और आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की जलापूर्ति योजनाएं चलने के बावजूद उनका गांव अब तक इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाया है। बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब लोगों को कई महीनों तक गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
गंदा कुएं का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
गांव की संदीपा देवी, सोमारी देवी, सुकरी देवी, मांगो देवी, सारे देवी, सुकरमुनी देवी, सलमा देवी, शोभा देवी, लाजवंती देवी, फगनी देवी, झालो देवी, कौशल्या देवी, पूर्णिमा देवी, जितनी देवी, सुनीता देवी, गुड़िया देवी, सुंबी देवी, सुमंती देवी, जयमती देवी, फूलमुनी देवी, पानो देवी, बुधनी देवी, ननकी देवी और रुकमनी देवी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि गांव में पेयजल का एकमात्र स्रोत कुआं है।
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दिनों में बारिश का गंदा पानी कुएं में मिल जाता है, जिससे पानी दूषित हो जाता है। उनका कहना है कि अशुद्ध पानी पीने के कारण गांव में लोग अक्सर बीमार पड़ते रहते हैं। ग्रामीणों ने गांव में जलमीनार स्थापित कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
सड़क नहीं, बहंगी ही बनती है एंबुलेंस
गेतुपानी गांव तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। गांव के लोग पगडंडी के सहारे आवागमन करते हैं। बरसात के दौरान यह रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो जाता है, जिसके बाद ग्रामीण श्रमदान कर रास्ते को फिर से चलने लायक बनाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। बीमार व्यक्ति को करीब दो किलोमीटर तक बहंगी में उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। उनका कहना है कि उनके लिए बहंगी ही एंबुलेंस का काम करती है।
सोलर प्लांट के सहारे रोशनी, मरम्मत भी खुद करते हैं ग्रामीण
गांव आज भी नियमित बिजली आपूर्ति से वंचित है। हालांकि, गांव में लगभग 10 वर्ष पहले पांच किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया गया था, लेकिन वह अक्सर खराब हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिक लोड के कारण प्लांट बार-बार खराब होता है और उसकी मरम्मत भी गांव के लोग चंदा इकट्ठा कर तथा श्रमदान के माध्यम से कराते हैं। बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने उपायुक्त गुमला से गांव में जलमीनार की स्थापना, पक्की सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र खोलने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अब तक कोई अधिकारी गांव की समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए आगे नहीं आया है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि सरकार की योजनाओं का लाभ गांव तक पहुंचे तो गेतुपानी के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सकता है और वर्षों पुरानी बुनियादी समस्याओं से उन्हें राहत मिल सकती है।
