रांची : झारखंड कांग्रेस ने लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कथित दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के नामांकन पत्र को मंजूरी दिए जाने और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं दलित महिला उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त किए जाने के मामलों में समानता नहीं दिखाई गई है।

चुनाव आयोग पर लगाए दोहरे मानदंड के आरोप

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि चुनावी नियम और प्रक्रियाएं सभी उम्मीदवारों के लिए समान हैं, तो हर मामले में एक समान मानक अपनाया जाना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि कुछ मामलों में अलग-अलग तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया।

डॉ. इरफान अंसारी ने उठाए सवाल

झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि चुनाव आयोग की कथित दोहरी नीति स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं, तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए तथा किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से सभी मामलों में समान मानकों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़े नारे भी लगाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया आवश्यक है।

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे को लेकर आगे भी राजनीतिक और कानूनी स्तर पर अपनी बात रखी जाएगी।

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