नई दिल्ली/रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस ने कहा है कि छात्रों को न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने बताया कि उनके नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के लिए मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय सकारात्मक और संवेदनशील कदम है।
मुख्यमंत्री के फैसले का किया स्वागत
के. राजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस निर्णय का स्वागत किया है, जिसके तहत छात्र आंदोलन के समाधान के लिए मंत्रिस्तरीय समिति गठित की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और छात्रों के बीच संवाद के माध्यम से जल्द समाधान निकलेगा।
छात्रों के समर्थन में कांग्रेस और युवा संगठन
के. राजू ने कहा कि झारखंड युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं ने एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव के साथ मिलकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की और उन्हें पूरा समर्थन दिया। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस छात्रों की न्यायसंगत मांगों के साथ खड़ी है।
‘छात्रों को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता’
कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, “हमारे छात्रों को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
क्या है पूरा मामला?
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले छात्र 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन अब राज्य के हालिया वर्षों के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में शामिल हो चुका है।
प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की सीबीआई या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पैनल से जांच कराने तथा जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा था कि प्रश्नपत्र लीक राष्ट्रीय स्तर की समस्या है और सरकार इस गतिरोध को बातचीत के माध्यम से समाप्त करना चाहती है।
