रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर सभी उपायुक्तों (डीसी) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक जानकारी के अभाव में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, संशोधन कराने या अन्य जरूरी प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रशासन मिशन मोड में कार्य करते हुए गणना फॉर्म भरने की सही जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए।
मतदाता गणना अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गणना फॉर्म भरने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित समय-सीमा को लेकर लोगों के बीच किसी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। इसके लिए पूरे राज्य में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सभी पात्र नागरिक समय पर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग कर सकें।
बीएलओ को नियमित प्रशिक्षण देने पर जोर
हेमंत सोरेन ने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने प्रशिक्षण के साथ-साथ संवेदनशीलता पर भी विशेष बल देते हुए कहा कि बीएलओ नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें।
बुजुर्गों, दिव्यांगों और आदिवासी क्षेत्रों के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और आदिवासी समुदायों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक टीमें उनके घर पहुंचकर मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में सहायता प्रदान करें।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के प्रवासी नागरिकों तक भी एसआईआर अभियान से जुड़ी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि वे भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकें।
पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ चले अभियान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।
