रांची: झारखंड की राजधानी रांची के चर्चित बड़गाईं 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग तीन वर्ष बाद पीएमएलए की विशेष अदालत से अहम फैसला आया है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को मामले के 17 आरोपियों में से 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित कर दिए। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राजकुमार पाहन के खिलाफ फिलहाल आरोप तय नहीं हो सके। उनकी ओर से समय मांगे जाने पर अदालत ने अगली सुनवाई 11 अगस्त निर्धारित की है।

ईडी की जांच के बाद अदालत पहुंचा मामला

यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 26 फरवरी 2023 को दर्ज ईसीआईआर संख्या 06/2023 से जुड़ा है। ईडी ने सदर थाना कांड संख्या 272/2023 तथा अन्य उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की थी। लंबी जांच, पूछताछ और पूरक अभियोजन शिकायतें दाखिल होने के बाद अदालत ने अब आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।

ईडी का दावा है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध जमीन कारोबार के पर्याप्त प्रमाण सामने आए हैं।

गैर-हस्तांतरणीय भुईंहरी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का आरोप

ईडी के अनुसार सभी आरोपी एक संगठित नेटवर्क के रूप में कार्य कर रहे थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि बरियातू-बड़गाईं क्षेत्र की गैर-हस्तांतरणीय भुईंहरी जमीन की फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध खरीद-बिक्री की गई और करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया। एजेंसी का कहना है कि पूरे मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है और आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से यह कार्य किया गया।

डायरी, बैंक रिकॉर्ड और कॉल डिटेल बने अहम साक्ष्य

ईडी ने जांच के दौरान बरामद डायरियों, बैंक खातों के लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को अहम साक्ष्य बताया है। एजेंसी के अनुसार इन दस्तावेजों से आरोपियों के बीच आर्थिक लेन-देन और आपसी साठगांठ के संकेत मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोप गठन का अनुरोध किया गया था।

इन 14 आरोपियों पर आरोप तय

विशेष अदालत ने भानु प्रताप प्रसाद, तपस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, आनंद तिर्की उर्फ अंतु तिर्की, अफसर अली, मोहम्मद इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रिया रंजन सहाय, बिपिन सिंह, बिजेंद्र सिंह, संजीत कुमार और मोहम्मद इरशाद के खिलाफ आरोप गठित किए हैं।

11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राजकुमार पाहन की ओर से समय मांगे जाने के कारण उनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। अदालत ने इस संबंध में अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की है। इस बहुचर्चित जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की आगामी न्यायिक कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

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