कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार सोमवार को अपने मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करने जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी है कि राज्य सरकार के 35 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस विस्तार के साथ राज्य मंत्रिपरिषद का आकार काफी बढ़ जाएगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह पूर्वाह्न 11 बजे लोक भवन में आयोजित होगा। राज्यपाल आर. एन. रवि नव नियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

सोशल मीडिया पर दी जानकारी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार शाम सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से मंत्रिमंडल विस्तार की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा चुनी गई राष्ट्रवादी सरकार की पूर्ण मंत्रिपरिषद का गठन सोमवार को किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल विस्तार के तहत 35 मंत्री शपथ लेंगे और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

41 हो जाएगी मंत्रियों की संख्या

वर्तमान में राज्य सरकार का मंत्रिमंडल छह सदस्यों का है। 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी।

294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए यह संख्या मंत्रियों की अधिकतम अनुमेय सीमा से केवल तीन कम होगी। ऐसे में यह राज्य सरकार के सबसे बड़े मंत्रिमंडलों में से एक माना जा रहा है।

सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर

मौजूदा मंत्रिमंडल में विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। इसमें ब्राह्मण, अन्य पिछड़ा वर्ग, आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में भी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जा सकती है, ताकि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को सरकार में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।

राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा विस्तार

राज्य की राजनीति में इस मंत्रिमंडल विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे सरकार के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के कामकाज को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि मंत्रिपरिषद में किन विधायकों को जिम्मेदारी मिलती है और उन्हें कौन-कौन से विभाग सौंपे जाते हैं।

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