गढ़वा: विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर-2026) के दौरान निर्वाचन कार्य में लापरवाही और अवैध वसूली की शिकायत पर गढ़वा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या-406 की बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) कुसुम देवी को मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर पैसे मांगने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निर्वाचन कार्य से हटा दिया गया है।
वायरल वीडियो की जांच में आरोप सही पाए गए
कुसुम देवी धुरकी प्रखंड के झलका आंगनबाड़ी केंद्र में आंगनबाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई।
धुरकी के प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। जांच में यह पुष्टि हुई कि बीएलओ द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन के नाम पर अवैध राशि की मांग की जा रही थी। इसके बाद भवनाथपुर के अनुमंडल पदाधिकारी-सह-निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की अनुशंसा पर उन्हें निर्वाचन कार्य से हटा दिया गया।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: उपायुक्त
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, लापरवाही या अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर-2026 के दौरान यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, बीएलओ या अन्य कर्मी द्वारा पैसे मांगने अथवा अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पैसे मांगने पर तुरंत करें शिकायत
जिला प्रशासन ने आम मतदाताओं से अपील की है कि यदि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी कार्य के बदले पैसे की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं—
- पुलिस हेल्पलाइन: 112
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- झार जल टोल फ्री नंबर: 1800-3456-502
- व्हाट्सएप शिकायत नंबर: 9470176901
प्रशासन ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

