रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के हालिया बयान पर तीखा पलटवार करते हुए इसे “झूठ, पाखंड और राजनीतिक नौटंकी का पुलिंदा” बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य की सबसे बड़ी दुश्मन यदि कोई पार्टी है तो वह भाजपा है।

राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे में भाजपा को नैतिकता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है।

राष्ट्रीय परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर भाजपा से मांगा जवाब

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि नीट, यूजीसी-नेट, रेलवे, एसएससी, सेना भर्ती सहित कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार वर्षों तक पेपर लीक गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही और बाद में कानून बनाकर केवल दिखावा किया गया।

जेपीएससी और भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी साधा निशाना

राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा यह स्पष्ट करे कि झारखंड में उसकी सरकार के दौरान जेपीएससी भर्ती परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं में सामने आए विवादों पर उसने कितनी बार आवाज उठाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और अब वही पार्टी नैतिकता का पाठ पढ़ा रही है।

कांग्रेस ने पारदर्शी जांच की वकालत की

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों के साथ खड़ी रही है। चाहे दिल्ली हो या झारखंड, पार्टी हर स्तर पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन करती है। उनके अनुसार भाजपा का उद्देश्य न्याय दिलाना नहीं, बल्कि छात्रों के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेना है।

केंद्र सरकार से भी पूछे कई सवाल

कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा कि यदि भाजपा को वास्तव में सीबीआई जांच पर भरोसा है, तो उसे सबसे पहले नीट पेपर लीक, राष्ट्रीय भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों और अन्य परीक्षा संबंधी मामलों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा झारखंड सरकार और कांग्रेस के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाती है। कांग्रेस छात्रों और युवाओं के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और जहां भी अनियमितता होगी, वहां निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन करती रहेगी।

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