जामताड़ा : पुलिस ने क्रेडिट कार्ड अपडेट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए हैं। साइबर नेटवर्क की जांच जारी है। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जामताड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने क्रेडिट कार्ड बंद होने और नया कार्ड जारी कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर करमाटांड़ थाना क्षेत्र के रानीटांड़ गांव में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के बाद उसकी पहचान करमाटांड़ थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी 38 वर्षीय गालिब अंसारी के रूप में हुई।
बैंक अधिकारी बनकर करता था ठगी
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। वह विशेष रूप से एसबीआई क्रेडिट कार्ड धारकों को निशाना बनाता था और उन्हें कार्ड बंद होने या नया कार्ड जारी किए जाने की बात कहकर विश्वास में लेता था।
इसके बाद आरोपी लोगों को अपने मोबाइल फोन में एक विशेष एपीके फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित करता था।
एपीके फाइल के जरिए चुराता था बैंकिंग डाटा
पुलिस के अनुसार, जैसे ही पीड़ित एपीके फाइल इंस्टॉल करते थे, आरोपी उनके मोबाइल की गोपनीय जानकारी और बैंकिंग संबंधी डाटा तक पहुंच बना लेता था। इसी जानकारी का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था और कई राज्यों में साइबर अपराध को अंजाम दे चुका है।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं था। देश के विभिन्न राज्यों में उसके संपर्क और गतिविधियों के संकेत मिले हैं।
पुलिस अब उसके अन्य सहयोगियों की पहचान करने और पूरे साइबर नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ मामला
इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 33/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट-2023 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई एपीके फाइल डाउनलोड न करें और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को देने की सलाह दी गई है।
