रांची: रांची विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुबंध कर्मियों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में 20 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया है। कुलपति की स्वीकृति के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले से विश्वविद्यालय मुख्यालय, संबद्ध कार्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत अनुबंध कर्मियों को लाभ मिलेगा।
अगस्त 2025 से लागू होगी बढ़ोतरी
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह निर्णय वित्त समिति की 24 जुलाई को हुई बैठक में की गई अनुशंसा के आधार पर लिया गया है। मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी अगस्त 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
मानदेय वृद्धि का लाभ केवल उन अनुबंध कर्मियों को मिलेगा, जिन्होंने अगस्त 2023 से पहले नियुक्ति ली है और कम से कम दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं।
हालांकि, जिन कर्मचारियों को पिछले दो वर्षों के दौरान पहले ही मानदेय वृद्धि का लाभ मिल चुका है या जो सेवानिवृत्ति के बाद अनुबंध अथवा पुनर्नियुक्ति पर कार्यरत हैं, उन्हें इस बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिलेगा।
नई दरें हुईं जारी
संशोधित मानदेय के अनुसार—
- तृतीय वर्ग के दैनिक वेतनभोगियों को अब 577 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।
- चतुर्थ वर्ग के दैनिक वेतनभोगियों को अब 420 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में पारिश्रमिक वृद्धि की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समान बनाने के लिए अलग से एक नीति तैयार की जाएगी।
डॉ. धीरेंद्र त्रिपाठी बने प्रभारी प्रॉक्टर
इसी आदेश के तहत रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. धीरेंद्र त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय का प्रभारी प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है। उन्हें विश्वविद्यालय के कानूनी मामलों की देखरेख की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
यह नियुक्ति झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के तहत कुलपति के आदेश से की गई है।
