सिलीगुड़ी: भारी बारिश और नदी में आए उफान के कारण संपर्क बाधित होने के बाद सिलीगुड़ी के दूधिया क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय सेना ने दूधिया में एक अस्थायी फुट ब्रिज का निर्माण कर पैदल आवागमन बहाल कर दिया है। बुधवार से लोगों ने इस पुल के जरिए आवाजाही शुरू कर दी है, जिससे स्थानीय निवासियों में खुशी का माहौल है।
सेना की पहल से बहाल हुआ संपर्क
लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो गया था। स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना ने मंगलवार शाम से अस्थायी फुट ब्रिज निर्माण का कार्य शुरू किया। महज कुछ घंटों की मेहनत के बाद करीब 100 फीट लंबा फुट ब्रिज तैयार कर लिया गया।
पुल तैयार होने के बाद अब लोग सिलीगुड़ी से वाहन के माध्यम से दूधिया तक पहुंच सकते हैं, फिर पैदल नदी पार कर दूसरी ओर से मिरिक जाने के लिए वाहन पकड़ सकते हैं। हालांकि फिलहाल इस पुल पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं दी गई है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
स्थिति का जायजा लेने के लिए लोक निर्माण विभाग की प्रमुख सचिव अंतरा आचार्य के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। निरीक्षण के बाद सिलीगुड़ी स्टेट गेस्ट हाउस में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में एक स्थायी पुल निर्माण की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है और अगले वर्ष फरवरी तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बाढ़ में बह गया था पुराना पुल
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 4 अक्टूबर को बालासन नदी में आई बाढ़ के दौरान यहां स्थित पुराना लोहे का पुल बह गया था। इसके बाद सिलीगुड़ी, दूधिया और मिरिक के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया था।
बाद में अस्थायी व्यवस्था के तहत ह्यूम पाइप डालकर एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था, लेकिन हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण वह भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद राज्य सरकार ने सेना से मदद मांगी थी।
बेली ब्रिज निर्माण पर भी काम जारी
जानकारी के अनुसार भारतीय सेना अब यहां एक स्थायी बेली ब्रिज के निर्माण में भी जुटी हुई है। प्रस्तावित पुल की लंबाई लगभग 200 फीट होगी, जबकि नदी की कुल चौड़ाई करीब 350 फीट बताई जा रही है। शेष हिस्से को बांध के माध्यम से स्थिर किया जाएगा।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस पुल से यात्री वाहनों के साथ छोटे मालवाहक वाहन भी गुजर सकेंगे। फिलहाल अस्थायी फुट ब्रिज के निर्माण से स्थानीय लोगों को राहत मिली है, हालांकि पूर्ण यातायात व्यवस्था बहाल होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
