रांची: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस वर्ष झारखंड के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में योग को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार ने 21 जून को मनाए जाने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को ‘योगमय झारखंड 2026-27’ के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत रविवार होने के बावजूद राज्य के सभी स्कूल सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
12 से 15 जून तक शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह द्वारा जारी निर्देश के अनुसार इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” निर्धारित की गई है। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से विस्तृत एसओपी जारी की गई है।
इसके तहत 12 से 15 जून तक जिला, प्रखंड और संकुल (क्लस्टर) स्तर पर शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। वहीं विद्यार्थियों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय योग ओलंपियाड के तहत पोस्टर, स्लोगन, कविता और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।
इन प्रतियोगिताओं में चयनित प्रविष्टियों का मूल्यांकन प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर किया जाएगा तथा श्रेष्ठ प्रविष्टियों को एनसीईआरटी के राष्ट्रीय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
16 से 20 जून तक स्कूलों में रोजाना होगा योगाभ्यास
विभागीय निर्देश के अनुसार 16 से 20 जून तक राज्य के सभी स्कूलों में प्रतिदिन सुबह 7:15 बजे से 8:00 बजे तक 45 मिनट का सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी शिक्षक एवं अन्य कर्मियों की भागीदारी अनिवार्य होगी।
इसके अलावा 17 जून को प्रत्येक विद्यालय में सात सदस्यीय योग क्लब का पुनर्गठन किया जाएगा, जो पूरे वर्ष योग से जुड़ी गतिविधियों का संचालन और निगरानी करेगा।
हर दिन पहली कक्षा से पहले होगा दो मिनट का मेडिटेशन
शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए एक नया निर्देश भी जारी किया है। इसके तहत अब प्रत्येक विद्यालय में पहली कक्षा शुरू होने से पहले कक्षा शिक्षक विद्यार्थियों को दो मिनट का ध्यान (मेडिटेशन) कराएंगे।
विभाग का मानना है कि नियमित ध्यान और योगाभ्यास से विद्यार्थियों की एकाग्रता, मानसिक संतुलन और सीखने की क्षमता में सकारात्मक सुधार होगा। साथ ही इससे तनाव प्रबंधन और शारीरिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा मिलेगा।
योग प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मिलेगा सम्मान
विद्यालय स्तर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 21 जून को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजन पर होने वाला खर्च समग्र शिक्षा के कॉम्पोजिट स्कूल ग्रांट मद से वहन किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि योग दिवस कार्यक्रम का सफल आयोजन और शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं प्राचार्य की होगी।
स्वास्थ्य और अनुशासन पर विशेष जोर
राज्य सरकार का उद्देश्य योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि नियमित योगाभ्यास और ध्यान से छात्रों में अनुशासन, आत्मविश्वास और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य का विकास होगा, जिससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में भी सुधार आएगा।

