रांची: झारखंड में मॉनसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 28 जून से 3 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने, मेघ गर्जन, वज्रपात, तेज हवाएं चलने और बारिश की संभावना है। इस दौरान कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
30 जून और 1 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 28 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
वहीं, 30 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, धनबाद, जामताड़ा, पाकुड़, दुमका, साहिबगंज और गोड्डा जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में भी मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है।
1 जुलाई को रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में 60 से 100 मिलीमीटर तक बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों के लिए येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
कहीं लू तो कहीं बारिश का असर
शनिवार को राज्य के मौसम में बड़ा अंतर देखने को मिला। पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जिलों में लू जैसी स्थिति बनी रही, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
रामगढ़ में सबसे अधिक 10 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं रांची, हजारीबाग, बोकारो और देवघर में एक-एक मिलीमीटर बारिश हुई।
तापमान की बात करें तो मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रांची में 34.2 डिग्री, जमशेदपुर में 37.6 डिग्री और बोकारो में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
सामान्य से 62 प्रतिशत कम हुई बारिश
मॉनसून सीजन के शुरुआती 27 दिनों में झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार अल नीनो के प्रभाव के कारण मॉनसून की रफ्तार प्रभावित हुई है।
एक जून से 27 जून के बीच राज्य में सामान्य रूप से 160.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 61.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से 62 प्रतिशत कम है।
राजधानी रांची में इस अवधि के दौरान सामान्य वर्षा 168.6 मिलीमीटर मानी जाती है, जबकि अब तक 125.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। यानी राजधानी में सामान्य से करीब 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
