रांची: राजधानी रांची स्थित उर्सलाइन इंटर कॉलेज में एक छात्रा को नोज़ रिंग पहनकर कॉलेज आने पर स्थानांतरण प्रमाण पत्र दिए जाने के आरोप के बाद विवाद गहरा गया है। छात्रा और उसके परिजनों का दावा है कि कॉलेज प्रशासन ने न केवल उसे टीसी जारी की, बल्कि कॉलेज स्टाफ की ओर से धार्मिक टिप्पणी भी की गई। मामले के सामने आने के बाद शहर में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

एबीवीपी ने कॉलेज के बाहर किया प्रदर्शन

घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिषद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए छात्रा के साथ कथित भेदभाव का विरोध किया।

सांस्कृतिक परंपरा का हवाला

एबीवीपी का कहना है कि छात्रा ने अपने परिवार की परंपरा और सांस्कृतिक मान्यता के अनुरूप नोज़ रिंग पहनी थी। संगठन का आरोप है कि केवल इस आधार पर किसी छात्रा को कॉलेज से निकालना उसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

परिषद ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। ऐसे में किसी शैक्षणिक संस्थान द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती।

छात्रा के पुनः दाखिले और जांच की मांग

प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन से छात्रा का दोबारा दाखिला लेने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि धार्मिक टिप्पणी के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

कॉलेज प्रबंधन का पक्ष आना बाकी

फिलहाल इस पूरे मामले में उर्सलाइन इंटर कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में विवाद के सभी पहलुओं पर स्पष्ट तस्वीर प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही सामने आएगी। मामले पर सभी पक्षों की प्रतिक्रिया आने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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