लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा जिले के कैरो डुमरटोली गांव में रहने वाले तीन अनाथ मासूमों के जीवन में अब नई उम्मीद जगी है। माता-पिता के निधन के बाद कठिन परिस्थितियों में गुजर-बसर कर रहे इन बच्चों के लिए राज्य सरकार की मदद का रास्ता खुल गया है।
इस मामले को सामाजिक कार्यकर्ता ब्यूटी मंडल द्वारा सोशल मीडिया पर उठाए जाने के बाद हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लिया।
मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित निर्देश
मुख्यमंत्री ने लोहरदगा उपायुक्त को निर्देश दिया है कि मामले की गहन जांच कर बच्चों—धीरज और उसके भाई-बहनों—को सभी आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसमें शिक्षा, संरक्षण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना शामिल है।
बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों को हरसंभव सुविधा प्रदान की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और सशक्त बन सके। साथ ही प्रशासन को शीघ्र कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सामाजिक पहल से जगी उम्मीद
सामाजिक कार्यकर्ता ब्यूटी मंडल ने बताया कि ये बच्चे बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे थे। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब उनके जीवन में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने सरकार से तत्काल सहायता की अपील की थी, जिस पर तेजी से कार्रवाई हुई।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
प्रशासनिक निर्देश के बाद अब इन बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे उनकी शिक्षा और जीवन-यापन की व्यवस्था बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी।

