रांची: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र का असर झारखंड में लगातार देखने को मिल रहा है। राज्य के कई जिलों में गुरुवार को बारिश और वज्रपात की घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे अधिक सिमडेगा में 42 मिमी बारिश हुई। वहीं मेदिनीनगर में 21 मिमी, जमशेदपुर में 8.3 मिमी, रामगढ़ में 6 मिमी और लोहरदगा में 3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
इधर, लातेहार जिले के सदर थाना क्षेत्र के नवोदय रोड स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप आकाशीय बिजली गिरने से धर्मपुर निवासी पीयूष कुमार और चंदनडीह निवासी पवन साहू की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
17 और 18 जुलाई के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 17 जुलाई को खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में वज्रपात के साथ भारी बारिश की संभावना है। राज्य के अन्य जिलों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
वहीं 18 जुलाई को रांची, लातेहार, चतरा, गुमला, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो और लोहरदगा में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने बताया है कि 20 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी।
रांची समेत कई शहरों के तापमान में बदलाव
गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.7 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे की तुलना में 2.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
सामान्य से 41 प्रतिशत कम हुई बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 16 जुलाई 2026 तक झारखंड में सामान्य वर्षापात 348.9 मिमी होना चाहिए था, जबकि अब तक केवल 207.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी राज्य में अब तक 41 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
