लातेहार: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी जरेडा सोलर लाइट योजना लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत सोहर पंचायत के पकरी पाठ गांव में दम तोड़ती नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब छह महीने पहले गांव में सोलर पोल और सोलर पैनल तो लगा दिए गए, लेकिन आज तक योजना शुरू नहीं हो सकी। इसके कारण 50 से अधिक परिवार अब भी अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
छह महीने बाद भी नहीं जली एक भी लाइट
ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार द्वारा सोलर लाइट के पोल और पैनल स्थापित करने के बाद न तो किसी अधिकारी ने निरीक्षण किया और न ही व्यवस्था को चालू कराया। परिणामस्वरूप गांव के एक भी घर तक रोशनी नहीं पहुंच सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
बच्चों की पढ़ाई और महिलाओं की सुरक्षा पर असर
बिजली व्यवस्था शुरू नहीं होने से गांव के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं महिलाओं और बुजुर्गों को रात के समय आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है।
एक ग्रामीण ने कहा, “सरकार ने लाइट देने की घोषणा की, कागजों में योजना पूरी भी हो गई, लेकिन आज तक हमारे गांव में एक भी लाइट नहीं जली।”
मुखिया ने जिला प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
सोहर पंचायत की मुखिया ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जरेडा विभाग के अधिकारी तत्काल गांव पहुंचकर सोलर प्लांट का निरीक्षण करें और योजना को जल्द चालू कराएं, ताकि ग्रामीणों को बिजली और रोशनी की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर लंबे समय से बंद पड़ी योजना को शुरू कराने की मांग की है।
