रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में 27 जून (शनिवार) से 3 जुलाई तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने इस अवधि के दौरान आकाश में बादल छाए रहने, कई स्थानों पर बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 1 जुलाई को रांची में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर पलामू, चतरा और गढ़वा जैसे जिलों में फिलहाल गर्मी का असर बना हुआ है।
राज्य में सामान्य से 61 प्रतिशत कम हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 26 जून तक झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में सामान्य वर्षा 149.8 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, जबकि केवल 59 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से लगभग 61 प्रतिशत कम है।
रांची में भी अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है। यहां 1 से 26 जून के बीच सामान्य वर्षा 158.2 मिलीमीटर मानी जाती है, जबकि अब तक केवल 125.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
वज्रपात से चार लोगों की मौत
शुक्रवार को राज्य के विभिन्न जिलों में वज्रपात की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई।
लोहरदगा के बगडू थाना क्षेत्र के चरहु गांव में 48 वर्षीय हशीदा खातून की बकरी चराने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, कुडू थाना क्षेत्र के सलगी कोलपारा गांव में घुरती उरांव की जान चली गई।
इसी तरह लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड के पिंडारकोम गांव में 16 वर्षीय सुकरी कुमारी की वज्रपात से मौत हो गई। वहीं, चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड के झरीनिया गांव में 17 वर्षीय पूजा कुमारी की भी वज्रपात की चपेट में आने से मृत्यु हो गई।
30 जून तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 27 जून से 30 जून के बीच झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है।
इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
