झारखंड: झारखंड के मतदाताओं के लिए 30 जून से एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत होने जा रही है। राज्य में पूरे 23 वर्षों बाद विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है, जो 29 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि इस अभियान का मकसद किसी योग्य मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाना है।

अभियान के तहत प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। मतदाताओं को केवल सही जानकारी भरकर उस पर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान देना होगा।

बीएलओ घर-घर पहुंचकर भरवाएंगे फॉर्म

जो लोग पढ़ाई, नौकरी या अन्य कारणों से राज्य से बाहर हैं, वे चुनाव आयोग की बुक ए कॉल सुविधा का उपयोग कर सकते हैं या अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

इसके अलावा, जिन युवाओं की आयु 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो जाएगी, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं।

शुरुआती चरण में किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के शुरुआती चरण में मतदाताओं को आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र या अन्य किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। केवल गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान पर्याप्त होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 या उससे पहले की मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें पहले से सत्यापित माना जाएगा।

साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जब कोई दस्तावेज मांगा ही नहीं जा रहा है तो किसी दलाल या फर्जी एजेंट के झांसे में न आएं। फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किन मामलों में होगा पुनः सत्यापन

चुनाव आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए पांच श्रेणियों पर विशेष ध्यान देगा।

  • जिनका नाम एक से अधिक राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज है।
  • जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं।
  • जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है।
  • जो सत्यापन के दौरान दिए गए पते पर नहीं मिलेंगे।
  • भारतीय नागरिकता से संबंधित मामलों की जांच के लिए आवश्यक सत्यापन।

महत्वपूर्ण तारीखें

तिथिप्रक्रिया
30 जून से 29 जुलाई 2026घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाया जाएगा
5 अगस्त 2026प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन
5 अगस्त से 4 सितंबर 2026दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि
5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026दावों एवं आपत्तियों का निपटारा
7 अक्टूबर 2026अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

30 जून को होगी चुनाव पाठशाला

चुनाव आयोग ने बताया कि 30 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, बीएलओ को सही जानकारी दें और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करें।

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