रांची : राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इनमें कोकर और जामचुआं में नए पावर सब स्टेशन तथा टाटीसिलवे में ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप शामिल हैं। विभाग का दावा है कि अगले तीन महीने के भीतर इन परियोजनाओं का संचालन शुरू हो जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में बड़ा सुधार होगा।

कोकर और जामचुआं में तैयार हुए नए पावर सब स्टेशन

बिजली विभाग के अनुसार कोकर और टाटा रोड स्थित जामचुआं में नए पावर सब स्टेशनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। दोनों सब स्टेशनों में 5-5 एमवीए क्षमता के दो-दो पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं।

इन सब स्टेशनों के चालू होने के बाद कुल 20 मेगावाट अतिरिक्त बिजली क्षमता उपलब्ध होगी। इसमें 10 मेगावाट क्षमता शहरी क्षेत्रों और 10 मेगावाट क्षमता ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगी। इससे बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी और बिजली नेटवर्क पर दबाव कम होगा।

40 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

नए सब स्टेशन शुरू होने के बाद कोकर, लालपुर, बरियातू, खोरहाटोली और औद्योगिक क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों की करीब 40 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

विभाग के अनुसार इन परियोजनाओं से लोड शेडिंग, बार-बार ट्रिपिंग, फ्यूज उड़ने, जंपर कटने और स्थानीय तकनीकी खराबियों जैसी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

दोनों सब स्टेशनों के निर्माण पर कुल 7 करोड़ 48 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। एक सब स्टेशन की लागत लगभग 3 करोड़ 74 लाख रुपये बताई गई है।

टाटीसिलवे में बनेगी आधुनिक ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप

बिजली विभाग की एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना टाटीसिलवे में बन रही ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप है। इसका निर्माण भी अंतिम चरण में है और अगले तीन महीनों में इसके संचालन शुरू होने की संभावना है।

वर्तमान में ट्रांसफार्मर खराब होने पर मरम्मत के लिए उन्हें चुटिया पावर हाउस ले जाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की अधिक खपत होती है। नई वर्कशॉप शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी आसान और तेज हो जाएगी।

50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को राहत

टाटीसिलवे वर्कशॉप शुरू होने के बाद सिल्ली, बुंडू, तमाड़, ओरमांझी, अनगड़ा, टाटीसिलवे, नामकुम, जोन्हा, मुरी और तुपुदाना समेत कई क्षेत्रों के 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।

यहां प्रतिदिन 5 से 6 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जा सकेगी। इससे खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल करने में कम समय लगेगा और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की समस्या से राहत मिलेगी।

जाम और समय दोनों की होगी बचत

नई रिपेयरिंग वर्कशॉप के संचालन से ट्रांसफार्मरों को चुटिया पावर हाउस तक ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और भारी वाहनों की आवाजाही कम होने से शहर में यातायात दबाव भी घटेगा।

विशेष रूप से चुटिया रेलवे पुल और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले जाम की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है। मानसून के दौरान ट्रांसफार्मर खराब होने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह वर्कशॉप बिजली व्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।

तीन महीने में शुरू होंगी सभी परियोजनाएं

रांची सर्किल के अधीक्षण अभियंता डीएन साहु ने बताया कि कोकर और जामचुआं पावर सब स्टेशन तथा टाटीसिलवे ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अधिकतम तीन महीने के भीतर सभी परियोजनाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं रांची जिले की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इनके शुरू होने से उपभोक्ताओं को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली सेवा उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।

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