रांची : दक्षिण पूर्व रेलवे की जोनल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की उच्चस्तरीय बैठक कोलकाता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के वरिष्ठ सदस्य अरुण जोशी ने झारखंड के रेल यात्रियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने रेलवे बोर्ड और दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारियों से राज्य की दक्षिण, पश्चिम और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की मांग की।
बैठक में दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अरुण जोशी ने नई ट्रेनों के परिचालन, मौजूदा ट्रेनों के विस्तार, यात्री सुविधाओं में वृद्धि और रेल अवसंरचना के विकास को लेकर कई सुझाव दिए। अधिकारियों ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक पहल का भरोसा भी दिलाया।
रांची से कई नई ट्रेनों के संचालन की मांग
बैठक में रांची से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए नई ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव रखा गया। इनमें रांची-रामेश्वरम, रांची-सूरत/अहमदाबाद, रांची-योग नगरी ऋषिकेश, रांची-पुणे (हडपसर), रांची-रायपुर वंदे भारत, हटिया-बड़बिल फास्ट मेमू, हटिया-एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट और हटिया-सिकंदराबाद जैसी ट्रेनों को नियमित रूप से चलाने की मांग शामिल रही।
राजधानी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग
दिल्ली जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को सप्ताह में चार दिन के बजाय प्रतिदिन संचालित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। साथ ही ट्रेन की समय-सारणी में बदलाव कर यात्रियों को सुबह के समय दिल्ली पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की गई, ताकि यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सके।
कई ट्रेनों के विस्तार का भी प्रस्ताव
बैठक में झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का विस्तार जयपुर तक करने, हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस को नागपुर या इतवारी तक बढ़ाने और उसमें अतिरिक्त कोच जोड़ने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा हटिया-सांकी पैसेंजर को हजारीबाग टाउन तक, बर्द्धमान-हटिया मेमू को गढ़वा तक और रांची-वाराणसी इंटरसिटी को लखनऊ तक विस्तारित करने की मांग भी रखी गई।
यात्रियों की टिकट संबंधी परेशानियों को देखते हुए हटिया से वेल्लोर, जम्मू और मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए सामान्य प्रतीक्षा सूची कोटा को पुनः बहाल करने का भी आग्रह किया गया, ताकि स्थानीय यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने में प्राथमिकता मिल सके।
नई रेललाइन और डबलिंग परियोजनाओं में तेजी की मांग
अरुण जोशी ने रांची-लोहरदगा-टोरी तथा मुरी-चांडिल रेलखंड के दोहरीकरण कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही लोहरदगा-गुमला-सिमडेगा नई रेललाइन के लिए जल्द सर्वेक्षण शुरू करने और गुंडा बिहार में आरओआर निर्माण की मांग भी उठाई गई।
लंबी दूरी की ट्रेनों में सुविधाएं बढ़ाने का सुझाव
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रांची-वाराणसी एक्सप्रेस में एलएचबी कोच और अतिरिक्त वातानुकूलित बोगियां जोड़ने का प्रस्ताव दिया गया। वहीं हटिया-पुणे और हटिया-बेंगलुरु जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में पैंट्री कार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
मरीजों, छात्रों और व्यापारियों को होगा लाभ
बैठक में कहा गया कि झारखंड से बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और इलाज के लिए देश के विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं। वर्तमान रेल सुविधाएं बढ़ती मांग के मुकाबले पर्याप्त नहीं हैं, जिसके कारण प्रमुख ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची रहती है। यदि प्रस्तावित ट्रेनें और सुविधाएं शुरू होती हैं तो वेल्लोर, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, सूरत और अन्य शहरों की यात्रा करने वाले मरीजों, छात्रों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

