बिहार : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद नीतीश कुमार रविवार को अचानक जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। इस दौरान वह अकेले ही सुरक्षा कर्मियों के साथ कार्यालय पहुंचे और पार्टी कार्यालय में चल रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया।
आमतौर पर नीतीश कुमार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ जेडीयू कार्यालय पहुंचते रहे हैं, लेकिन इस बार उनका अकेले पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
कार्यालय में घूम-घूमकर लिया कामकाज का जायजा
जेडीयू कार्यालय पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया और वहां चल रहे कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कार्यालय में मौजूद कुछ लोगों से बातचीत भी की। निरीक्षण के बाद वह बिना किसी औपचारिक कार्यक्रम के कार्यालय से रवाना हो गए।
पहले भी कर चुके हैं अचानक दौरा
यह पहला अवसर नहीं है जब नीतीश कुमार अचानक जेडीयू कार्यालय पहुंचे हों। इससे पहले भी कई बार वे बिना पूर्व सूचना के पार्टी कार्यालय पहुंचकर संगठनात्मक गतिविधियों का जायजा लेते रहे हैं।
भले ही वे अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं हैं, लेकिन पार्टी के संगठनात्मक कार्यों और गतिविधियों पर उनकी सक्रिय नजर बनी हुई है।
21 जून को राष्ट्रीय परिषद की बैठक में हुए थे शामिल
इससे पहले 21 जून को नीतीश कुमार जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। बैठक में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि वर्ष 2025 का जनादेश बिहार के विकास के लिए मिला है। उन्होंने यह भी कहा था कि भले ही वे राज्यसभा पहुंच गए हों, लेकिन बिहार के विकास और पार्टी के संगठन को लेकर उनका मार्गदर्शन लगातार जारी रहेगा।
कार्यकर्ताओं के बीच दिखी थी उत्साह की लहर
21 जून को जेडीयू कार्यालय पहुंचने पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार का जोरदार स्वागत किया था। इस दौरान उन पर फूलों की वर्षा की गई थी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचे थे।
रविवार को भी उनके अचानक निरीक्षण को संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और पार्टी कार्यों की निगरानी के तौर पर देखा जा रहा है।
