रांची: झारखंड से नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष बैद्यनाथ राम ने गुरुवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। संसद भवन में आयोजित समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई और नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
शपथ ग्रहण के बाद जताई खुशी
शपथ ग्रहण समारोह के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बैद्यनाथ राम ने इसे अपने जीवन का एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार उच्च सदन तक पहुंचना उनके लिए गर्व की बात है और वह इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता होगी।
झारखंड के हितों को सदन में उठाने का संकल्प
बैद्यनाथ राम ने कहा कि वह लंबे समय से पार्टी के एक समर्पित और ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते रहे हैं। राज्यसभा में पहुंचने के बाद उनका मुख्य उद्देश्य झारखंड के हितों को प्रभावी ढंग से उठाना होगा।
उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से रखा जाएगा। इसके साथ ही राज्य के विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण से जुड़े विषय उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे।
जनता के विश्वास को बताया सबसे बड़ी जिम्मेदारी
नवनिर्वाचित सांसद ने कहा कि राज्यसभा की सदस्यता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि झारखंड की जनता के विश्वास और उम्मीदों का सम्मान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह राज्य और समाज के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि संसद के उच्च सदन में झारखंड की आवाज को मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
