जमशेदपुर: अंतरराष्ट्रीय मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में जमशेदपुर के बेटे प्रशांत रंगनाथन ने भारत का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया है। स्टैनफोर्ड डी स्कूल से जुड़े प्रोडक्ट डिजाइनर प्रशांत रंगनाथन ने अपने सहयोगी एंड्रियास हॉप्ट के साथ मिलकर वैज्ञानिकों के लिए ‘ब्रूनो’ नामक एक विशेष एआई टूल विकसित किया है। इस नवाचार को दुनिया के प्रतिष्ठित आईसीएमएल 2026 (इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मशीन लर्निंग) में आयोजित ‘एआई फॉर साइंस’ कॉन्क्लेव के दौरान ‘बेस्ट एआई साइंटिस्ट अवॉर्ड (स्पॉटलाइट सम्मान)’ से सम्मानित किया गया।
वैज्ञानिकों के लिए डिजिटल प्रोडक्ट मैनेजर की तरह करता है काम
‘ब्रूनो’ सामान्य चैटबॉट नहीं, बल्कि वैज्ञानिकों और शोध प्रयोगशालाओं के लिए एक डिजिटल प्रोडक्ट मैनेजर की तरह काम करता है। यह शोध परियोजनाओं के समन्वय, कार्य प्रबंधन और दस्तावेजीकरण को व्यवस्थित बनाकर वैज्ञानिकों को अपने मुख्य शोध पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
ChatGPT, Grok और Gemini से क्यों है अलग?
जहां ChatGPT, Grok और Gemini जैसे एआई टूल सामान्य बातचीत, कंटेंट लेखन और कोडिंग जैसे कार्यों के लिए विकसित किए गए हैं, वहीं ‘ब्रूनो’ विशेष रूप से वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए तैयार किया गया है। यह शोधकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करता है, प्रयोगों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखता है और शोध प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाता है।
वैज्ञानिकों का नहीं, उनके काम का बोझ करेगा कम
‘ब्रूनो’ का उद्देश्य वैज्ञानिकों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनकी प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी परेशानियों को कम करना है। शोध प्रयोगशालाओं में अक्सर महत्वपूर्ण निर्णय ईमेल, स्लैक या अन्य प्लेटफॉर्म पर बिखर जाते हैं और असफल प्रयोगों का समुचित रिकॉर्ड नहीं बन पाता। यह एआई टूल इन सभी जानकारियों को व्यवस्थित रखकर शोध कार्य को अधिक सुचारु बनाता है।
डेटा सुरक्षा का भी रखा गया विशेष ध्यान
फ्रांसीसी समाजशास्त्री के नाम पर रखा गया नाम
डेवलपर्स के अनुसार, ‘ब्रूनो’ को वैज्ञानिकों के गोपनीय डेटा और शोध सामग्री की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह किसी शोधपत्र, कोड या डेटा में बदलाव नहीं करता, बल्कि केवल बैकएंड पर रहकर समन्वय और प्रबंधन का कार्य करता है। यह स्लैक, गिटहब, वेट्स एंड बायसेस और ओवरलीफ जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत होकर काम करता है।
प्रशांत रंगनाथन और स्टैनफोर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब के शोधकर्ता एंड्रियास हॉप्ट ने इस एआई टूल का नाम प्रसिद्ध फ्रांसीसी समाजशास्त्री ब्रूनो लातूर के सम्मान में ‘ब्रूनो’ रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टूल भविष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

