देवघर : देवघर नगर निगम में कार्यरत करीब 500 सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 11 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। हड़ताल की घोषणा के बाद बुधवार शाम कर्मचारियों ने संगठन के नेतृत्व में शहर में रैली निकालकर आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कोई भी सफाईकर्मी कार्य पर वापस नहीं लौटेगा।

तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन

सफाई कर्मचारियों के नेता संजय मंडल ने बताया कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग वर्षों से बकाया भविष्य निधि राशि का भुगतान है।

इसके अलावा कर्मचारियों की मांग है कि प्रत्येक माह की 10 तारीख तक नियमित रूप से वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि कई बार महीनों तक वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

सफाई कर्मियों की तीसरी प्रमुख मांग दैनिक भत्ते में वृद्धि की है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान भत्ता पर्याप्त नहीं है और इसमें संशोधन किया जाना चाहिए।

निगम प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप

संजय मंडल ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने कई बार अपनी समस्याओं को लेकर नगर निगम प्रशासन, मेयर और डिप्टी मेयर से मुलाकात की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की गई, जिसके कारण उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि निगम प्रशासन सकारात्मक पहल करता है तो संगठन हड़ताल वापस लेने पर विचार कर सकता है।

शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरे का उठाव किया जाता है। ऐसे में सफाई कार्य बंद होने पर विभिन्न मोहल्लों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे का ढेर लग सकता है।

स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है कि यदि हड़ताल लंबे समय तक जारी रही तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होगी और लोगों को दुर्गंध समेत कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

डिप्टी मेयर ने की बातचीत की अपील

इधर, नगर निगम के डिप्टी मेयर ने सफाई कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याएं कई वर्षों से लंबित हैं और निगम प्रशासन उनके समाधान के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही कहा कि कुछ मामलों के समाधान में समय लग सकता है, इसलिए आंदोलन के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना अधिक उचित होगा।

नगर निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर अब पूरे शहर की नजर टिकी हुई है, क्योंकि इसका सीधा असर देवघर की स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ने वाला है।

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