नई दिल्ली : तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसा कोटा रेल मंडल के लूनी और आलोट रेलवे स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:15 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण ट्रेन में आग लगी, जिसने कुछ ही देर में दो बोगियों को अपनी चपेट में ले लिया।
सुबह का समय होने के कारण अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक धुआं और आग की लपटें दिखते ही बोगियों में चीख-पुकार मच गई। यात्री अपनी जान बचाने के लिए घबराकर ट्रेन से नीचे उतरने लगे।
फायर ब्रिगेड और रेलवे टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
रेलवे प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों के लिए मौके पर पानी, चाय और नाश्ते की व्यवस्था भी कराई। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी घटनास्थल पर भेजा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
दो बोगियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त
आग इतनी भयावह थी कि ट्रेन की दो बोगियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। रेलवे अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं। हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा और तकनीकी टीम ने जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है।
दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग प्रभावित
हादसे के कारण दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया। कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही।
रेलवे कर्मचारी ट्रैक को जल्द साफ कर रेल परिचालन सामान्य करने में जुटे रहे।
यात्रियों ने सुनाई आपबीती
घटना के बाद कई यात्रियों ने बताया कि वे अचानक धुएं की गंध और लोगों की चीख सुनकर जागे। कुछ यात्रियों ने कहा कि कुछ मिनटों के लिए ऐसा लगा कि बड़ा हादसा हो जाएगा।
हालांकि रेलवे कर्मचारियों और बचाव दल की तत्परता से स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

