घाटशिला: झारखंड के बहुप्रतीक्षित धालभूमगढ़ हवाई अड्डा परियोजना को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की रांची टीम ने शनिवार को धालभूमगढ़ हवाई पट्टी का भौतिक निरीक्षण किया। टीम का नेतृत्व विमानपत्तन निदेशक अजय कुमार सिंह ने किया।

निरीक्षण से परियोजना को मिली नई गति

अधिकारियों की टीम ने रनवे की स्थिति, हाईवे से दूरी, रेलवे स्टेशन की दूरी और आसपास के क्षेत्र का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने मीडिया से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि निरीक्षण के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

केंद्र सरकार की प्राथमिक सूची में शामिल परियोजना

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना केंद्र सरकार की प्राथमिक सूची में शामिल है। इस परियोजना की शुरुआत के लिए 24 जनवरी 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास और केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा भूमि पूजन किया गया था।

जमीन विवाद के कारण अटका काम

यह हवाई पट्टी द्वितीय विश्व युद्ध के समय की बनी हुई है और करीब 240 एकड़ भूमि में इसे विकसित किया जाना है। हालांकि, दो गांवों की ग्राम सभा से मंजूरी नहीं मिलने के कारण परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है।

देवसोल गांव की करीब 8 एकड़ 51 डिसमिल और रूवासोल गांव की 21 डिसमिल जमीन प्रस्तावित क्षेत्र में आती है, जिस पर सहमति नहीं बन पाई है।

स्थानीय प्रशासन भी रहा मौजूद

निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी मनोहर लिंडा, थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा, अंचल निरीक्षक आलोक गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद कार्यालय में बैठक कर परियोजना पर चर्चा की गई और टीम वापस रांची लौट गई।

जल्द समाधान की उम्मीद

एएआई टीम के निरीक्षण के बाद अब इस बहुप्रतीक्षित एयरपोर्ट परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि भूमि से जुड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं, तो क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।



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