हजारीबाग : हजारीबाग जिले के गिद्दी सी चेकपोस्ट पर कुछ दिन पहले हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में राहुल दुबे गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया देशी पिस्टल और दो जिंदा गोलियां बरामद की हैं। वहीं, इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

चेकपोस्ट पर फायरिंग कर फैलाना चाहते थे दहशत

हजारीबाग सदर एसडीपीओ अमित आनंद ने बताया कि 2 जून को गिद्दी थाना क्षेत्र स्थित गिद्दी सी चेकपोस्ट पर बुलेट बाइक से पहुंचे अपराधियों ने फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की थी। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

फायरिंग की घटना से क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों की सूचना और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।

एसपी के निर्देश पर गठित हुई एसआईटी

घटना के खुलासे के लिए हजारीबाग एसपी अमन कुमार के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया। टीम को तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना तंत्र की मदद से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जांच के दौरान पुलिस को राहुल दुबे गिरोह से जुड़े मो. वारिस की भूमिका संदिग्ध लगी, जिसके बाद उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाए गए।

पूछताछ में कबूला जुर्म

पुलिस ने बड़कागांव थाना क्षेत्र के पुंदोल गांव निवासी 22 वर्षीय मो. वारिस को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में उसने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ चेकपोस्ट पर पहुंचा था और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की थी।

निशानदेही पर बरामद हुआ हथियार

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया। बरामद सामानों में 7.62 एमएम का एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि बरामद हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक घटना में तो नहीं हुआ है।

दो आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर

जांच में यह भी सामने आया है कि इस वारदात में मो. वारिस के अलावा दो अन्य अपराधी भी शामिल थे। पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

एसडीपीओ अमित आनंद ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे गिरोह के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई संगीन मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मो. वारिस का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

उसके खिलाफ कटकमदाग, बड़कागांव, उरीमारी और गिद्दी थाना क्षेत्रों में कई गंभीर मामले लंबित हैं। इसी आधार पर पुलिस उसे राहुल दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य मान रही है।

इन अधिकारियों ने की कार्रवाई

मामले के खुलासे के लिए गठित विशेष जांच दल में एसडीपीओ अमित आनंद, इंस्पेक्टर मो. शाहिद रजा, गिद्दी थाना प्रभारी मो. इकबाल हुसैन, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। टीम की संयुक्त कार्रवाई से इस मामले का खुलासा संभव हो सका।

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