गिरिडीह : गिरिडीह नगर निगम चुनाव 2026 के दौरान हुई हिंसा और गोलीबारी से जुड़े मामले में पचंबा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। ये आरोपी जेल से रिहा होकर बाहर निकले ही थे कि पुलिस ने उन्हें जेल गेट के बाहर से हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशोर पासवान, आकाश हाड़ी, अमित विश्वकर्मा और मंजीत पासवान के रूप में हुई है। सभी आरोपी नगर थाना क्षेत्र के 6 नंबर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। चारों पहले चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए थे।
चुनावी हिंसा के दौरान दर्ज हुई थीं दो प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार नगर निगम चुनाव के दौरान आजाद नगर क्षेत्र में गोलीबारी की घटना हुई थी। इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।
पहली प्राथमिकी गोलीबारी की घटना को लेकर दर्ज की गई थी, जबकि दूसरी प्राथमिकी पुलिस बल पर पथराव, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में दर्ज की गई थी।
रिहाई की सूचना मिलते ही पुलिस ने बनाई रणनीति
पुलिस को जानकारी मिली थी कि गुरुवार को चारों आरोपियों की जेल से रिहाई होने वाली है। सूचना मिलते ही पचंबा थाना पुलिस ने जेल परिसर के बाहर निगरानी शुरू कर दी।
जैसे ही आरोपी जेल से बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाना पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार दूसरे मामले में आरोपियों को पहले रिमांड पर नहीं लिया जा सका था, क्योंकि वे पहले से न्यायिक हिरासत में थे। इसी कारण कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उनकी दोबारा गिरफ्तारी की गई।
आरोपियों से पूछताछ जारी
फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान चुनावी हिंसा, पुलिस पर पथराव और अन्य आरोपों में उनकी भूमिका की विस्तार से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच चला अभियान
पूरे अभियान का नेतृत्व अनुसंधानकर्ता एसआई प्रशांत कुमार सिंह ने किया। किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जेल गेट के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी।
थाना प्रभारी ने दी जानकारी
पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस पर पथराव और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने से संबंधित मामले में आरोपियों का रिमांड पहले नहीं लिया जा सका था। इसी कारण जेल से रिहा होने के तुरंत बाद उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

