गुमला: गुमला जिले के लाखों लोगों की जमीन-जायदाद से जुड़े महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख इन दिनों असुरक्षित माहौल में रखे हुए हैं। कचहरी परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम की जर्जर स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। वर्षों पुराने समाहरणालय भवन में संचालित यह रिकॉर्ड रूम न केवल बदहाल अवस्था में है, बल्कि यहां रखे गए जमीन संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेजों के संरक्षण को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

जमीन पर बिखरे पड़े हैं महत्वपूर्ण अभिलेख

जानकारी के अनुसार, रिकॉर्ड रूम में जमीन से संबंधित कई महत्वपूर्ण पंजी, रजिस्टर और अन्य अभिलेख व्यवस्थित अलमारियों में सुरक्षित रखने के बजाय जमीन पर बिखरे पड़े हैं। भवन की दीवारें और छत भी जर्जर हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में नमी और छत से रिसाव के कारण इन दस्तावेजों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।

जमीन के अधिकारों का आधार हैं ये दस्तावेज

रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित रखे गए अभिलेख हजारों परिवारों की जमीन के स्वामित्व और अधिकारों का आधार हैं। भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, नकल निर्गत करने तथा पुराने रिकॉर्ड की जांच जैसे मामलों में इन्हीं दस्तावेजों पर निर्भर रहना पड़ता है।

झारखंड आंदोलनकारी अजीत विश्वकर्मा का कहना है कि जिला प्रशासन के पास अन्य सरकारी भवन उपलब्ध होने के बावजूद रिकॉर्ड रूम को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

टूटी खिड़की से बढ़ी सुरक्षा की चिंता

रिकॉर्ड रूम के बाहर लगी वह खिड़की, जहां से जमीन संबंधी नकल निर्गत की जाती है, लंबे समय से टूटी हुई है। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

समाजसेवी महेंद्र उरांव और गोविंदा टोप्पो का कहना है कि यदि कोई असामाजिक तत्व टूटी खिड़की के जरिए ज्वलनशील पदार्थ अंदर फेंक दे तो वर्षों पुराने अभिलेख कुछ ही मिनटों में नष्ट हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में जमीन से जुड़े हजारों महत्वपूर्ण रिकॉर्ड हमेशा के लिए खत्म हो सकते हैं, जिससे आम नागरिकों और प्रशासन दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

अधिकारियों को जानकारी, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

स्थानीय अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और आम लोगों का कहना है कि रिकॉर्ड रूम की स्थिति से जिला प्रशासन के अधिकारी भलीभांति अवगत हैं। समय-समय पर इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई, लेकिन हालात सुधारने के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

लोगों का कहना है कि यदि आगजनी, भवन क्षति या किसी अन्य दुर्घटना में ये अभिलेख नष्ट हो गए तो उनकी भरपाई संभव नहीं होगी।

सुरक्षित भवन में स्थानांतरण की मांग

अधिवक्ता अरुण कुमार ने जिला प्रशासन से रिकॉर्ड रूम को जल्द किसी सुरक्षित, आधुनिक और व्यवस्थित भवन में स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जमीन से जुड़े सरकारी दस्तावेज नागरिकों के अधिकारों से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी तय करना कठिन होगा।

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