रांची : झारखंड की राजधानी रांची के वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. भारती कश्यप और डॉ. बी.पी. कश्यप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और राज्य का गौरव बढ़ाया है। ब्राजील में आयोजित प्रतिष्ठित नेत्र विज्ञान सम्मेलन में दोनों चिकित्सकों को अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने आधुनिक नेत्र चिकित्सा और सर्जरी से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।

साउथ अमेरिका के ब्राजील में आयोजित ‘ब्राजीलियन सोसाइटी ऑफ कैटरेक्ट एंड रिफ्रैक्टिव सर्जरी’ के वार्षिक सम्मेलन 2026 में दोनों चिकित्सकों ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में अपने अनुभव और शोध प्रस्तुत किए। इस दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान भी प्रदान किया गया।

तीन मास्टर क्लास में साझा किए अनुभव

सम्मेलन में डॉ. भारती कश्यप और डॉ. बी.पी. कश्यप ने तीन अलग-अलग मास्टर क्लास में व्याख्यान दिया। उन्होंने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में विकसित नई तकनीकों, जटिल सर्जरी प्रक्रियाओं और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

दोनों चिकित्सकों के व्याख्यान को विभिन्न देशों से आए विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने सराहा।

मोतियाबिंद सर्जरी की अभिनव तकनीक को मिली सराहना

सम्मेलन के महत्वपूर्ण सर्जिकल वीडियो सत्र में कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल द्वारा विकसित अत्यधिक कठोर मोतियाबिंद की सर्जरी की विशेष तकनीक का प्रदर्शन किया गया।

इस अभिनव तकनीक को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने प्रभावी और उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक जटिल मोतियाबिंद सर्जरी के मामलों में काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

इसके अलावा डॉ. भारती कश्यप ने आधुनिक लेजर आधारित दृष्टि सुधार पद्धति पर भी विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसे सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

उत्कृष्ट योगदान के लिए किया गया सम्मानित

नेत्र चिकित्सा, शोध और सर्जिकल नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. भारती कश्यप और डॉ. बी.पी. कश्यप को सम्मेलन में स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान भारतीय चिकित्सा क्षेत्र और झारखंड के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।

प्रेसिडेंशियल डिनर में मिला विशेष आमंत्रण

सम्मेलन के दौरान दोनों चिकित्सकों को प्रतिष्ठित प्रेसिडेंशियल डिनर में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न देशों से आए अग्रणी नेत्र विशेषज्ञों और सर्जनों के साथ चिकित्सा क्षेत्र के भविष्य, नई तकनीकों और वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

भारतीय चिकित्सा की बढ़ती वैश्विक पहचान

अपने अनुभव साझा करते हुए दोनों चिकित्सकों ने बताया कि ब्राजील की संस्कृति में खेल, संगीत, नृत्य और सामाजिक सहभागिता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय चिकित्सकों और शोधकर्ताओं की बढ़ती भागीदारी देश की चिकित्सा क्षमता और नवाचारों को वैश्विक पहचान दिला रही है।

कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सकों की यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। इससे भारतीय नेत्र चिकित्सा और अनुसंधान की बढ़ती साख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिली है।

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