गढ़वा जिले में जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय राजस्व समीक्षा बैठक में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।

उपायुक्त ने कहा कि बिना किसी आपत्ति वाले म्यूटेशन मामलों का निष्पादन हर हाल में 30 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा। उन्होंने अंचलवार म्यूटेशन, सुओ-मोटो म्यूटेशन, सक्सेशन और पार्टीशन म्यूटेशन मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों पर नाराजगी जताई।

90 दिनों से अधिक लंबित मामलों पर होगी कार्रवाई

डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन दाखिल-खारिज आवेदनों में आपत्ति दर्ज है, उनका भी अधिकतम 90 दिनों के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि 90 या 120 दिनों से अधिक समय तक लंबित मामलों को गंभीर लापरवाही माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।

अनुपस्थित कार्यपालक पदाधिकारी का वेतन स्थगित

बैठक के दौरान नगर पंचायत मंझिआंव के कार्यपालक पदाधिकारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने और कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

साथ ही विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली और आंतरिक संसाधनों की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

वन भूमि मामलों के त्वरित निपटारे पर जोर

बैठक की शुरुआत में वन प्रमंडल पदाधिकारी (सदर दक्षिणी) ई.बी. अब्राहम ने वन संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम, 1980 से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने खतियान में दर्ज जंगल, जंगल-झाड़ी, सखुआ और खैर जंगल जैसी श्रेणियों से जुड़े मामलों के निपटारे के नियमों को विस्तार से समझाया।

अपर समाहर्ता विकास कुमार राय ने सभी अंचल अधिकारियों को वन भूमि से जुड़े मामलों का एक माह के भीतर निपटारा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

राइट टू सर्विस के मामलों को समय पर पूरा करने का आदेश

उपायुक्त ने भूमि सीमांकन, प्रमाण पत्र निर्गत करने, भूमि विवाद, डीसीएलआर अपील और अन्य राइट टू सर्विस एक्ट के अंतर्गत आने वाले मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि जिन अंचलों का प्रदर्शन खराब पाया गया है, उन्हें अगली समीक्षा बैठक तक सभी लंबित मामलों को शून्य करने का लक्ष्य दिया गया है।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, परवेज आलम, प्रभाकर मिर्धा, सभी अंचल अधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी तथा विद्युत एवं लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।



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