रांची: रांची के गेतलसूद डैम क्षेत्र में निर्माणाधीन सोलर पावर परियोजना को लेकर एक बार फिर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध सामने आया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण गेतलसूद स्थित सेकी के बेस कैंप पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी पर कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी निधि के उपयोग में अनियमितता का आरोप लगाते हुए पारदर्शिता की मांग की।

विस्थापित परिवारों के अधिकारों की उठी आवाज

विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सेकी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परियोजना से प्रभावित परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ देने और क्षेत्र के समग्र विकास की मांग की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के लिए उनकी जमीन और संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है, इसलिए परियोजना का प्रत्यक्ष लाभ भी स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

CSR फंड में अनियमितता का आरोप

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि CSR मद में खर्च की गई राशि का कोई स्पष्ट और पारदर्शी विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका प्रभाव दिखाई नहीं देता।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ बिचौलियों के माध्यम से फर्जी बिल बनाकर राशि का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पहले भी हो चुका है विरोध

ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले 18 मई को भी परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान अंचल कार्यालय में अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई थी। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक में भी कंपनी की ओर से CSR फंड में हुए खर्च का संतोषजनक विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया था।

कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहा असंतोष

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और CSR फंड की जांच नहीं कराई गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल

प्रदर्शन में प्रमुख दीपा उरांव, पूर्व प्रमुख अनिता गाड़ी, मुखिया शांति मुंडा, जितेंद्र उरांव, अजय उरांव, कामेश्वर महतो, सूरज उरांव, कृष्णा महतो, जगेश्वर महतो, गौरीशंकर मुंडा, हरिनंदन गोस्वामी, राजेश लोहरा, बिट्टू उरांव, चंदन गोस्वामी, विवेक गोस्वामी, सुधीर महतो, राजन महतो, गणेश करमाली और सत्येंद्र मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास परियोजनाओं में स्थानीय समुदाय की भागीदारी और अधिकार सुनिश्चित होना चाहिए। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर उनकी जमीन ली जा रही है, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और लाभ नहीं मिल रहे हैं।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version