गढ़वा: गढ़वा जिले में पिछले कई महीनों से जारी मनरेगा कर्मियों की हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे मनरेगा कर्मियों को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) प्रेमलता मुर्मू ने तीन दिनों के भीतर अपने कार्यस्थल पर लौटने का अंतिम निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीडीसी के इस अल्टीमेटम के बाद हड़ताली कर्मियों के बीच हलचल तेज हो गई है। अब जिले में सभी की नजर अगले 72 घंटों पर टिकी है कि कर्मचारी काम पर लौटते हैं या प्रशासन आगे सख्त कदम उठाता है।
गरीबों के हित को प्राथमिकता : डीडीसी
उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू ने कहा कि जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता ग्रामीण गरीबों का हित और उनकी आजीविका की सुरक्षा है। मनरेगा योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में किसी भी परिस्थिति में योजना के संचालन को प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सभी हड़ताली कर्मी पत्र जारी होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटें और विकास कार्यों में सहयोग करें। आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हड़ताल से प्रभावित हो रही विकास योजनाएं
प्रशासन के अनुसार, मनरेगा कर्मियों की लंबी हड़ताल का सीधा असर जिले की विकास योजनाओं पर पड़ रहा है। मार्च, अप्रैल और मई 2026 के दौरान मानव दिवस सृजन का निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो सका, जिससे कई योजनाओं की प्रगति प्रभावित हुई है।
मनरेगा एक मांग आधारित योजना है, जिसके तहत काम मांगने वाले मजदूरों को 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। लेकिन कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण कई जरूरतमंद ग्रामीणों को समय पर काम नहीं मिल पा रहा है।
मजदूरों की आजीविका से जुड़ा है मामला
डीडीसी ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीब परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जरूरतमंद लोगों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन पहले भी कई बार हड़ताली कर्मियों से काम पर लौटने की अपील कर चुका है, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इसी कारण इस बार अंतिम चेतावनी जारी की गई है।
अगले तीन दिन होंगे निर्णायक
प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद अब अगले तीन दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि मनरेगा कर्मी काम पर लौटते हैं तो जिले में रुकी हुई विकास योजनाओं को फिर से गति मिल सकती है। वहीं, हड़ताल जारी रहने की स्थिति में प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
गढ़वा जिले में मनरेगा कर्मियों की हड़ताल और प्रशासन के इस कड़े रुख को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
