जमशेदपुर : मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत दस्तावेजों में सुधार कराने और आवेदन संबंधी जानकारी लेने के लिए शुक्रवार को जमशेदपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति ऐसी हो गई कि कार्यालय के मुख्य गेट से लेकर बाहर सड़क तक महिलाओं की लंबी कतार लग गई। तेज धूप और गर्मी के बावजूद महिलाएं घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रहीं।
बीडीओ ने महिलाओं से ली जानकारी
इसी दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश कार्यालय पहुंचे। सड़क तक लगी लंबी कतार और भीड़ को देखकर उन्होंने महिलाओं से बातचीत की और उनके आने का कारण जाना। महिलाओं ने बताया कि वे मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से संबंधित फॉर्म जमा करने और दस्तावेजों में सुधार कराने के लिए पहुंची हैं।
इस पर बीडीओ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल योजना के लिए नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल लंबित आवेदनों की जांच और तकनीकी त्रुटियों के सुधार का कार्य किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए हटाई गई भीड़
कार्यालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी के कारण यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने लगी थी। बीडीओ के निर्देश पर महिलाओं को सड़क से हटाकर व्यवस्थित किया गया। इसके साथ ही कार्यालय के बाहर अवैध रूप से योजना के फॉर्म बेच रहे वेंडरों को भी तत्काल वहां से हटाया गया।
जानकारी के अनुसार, भीड़ में शामिल अधिकांश महिलाएं बिरसानगर, टेल्को और आसपास के क्षेत्रों की निवासी थीं।
दस्तावेजों में मिल रही हैं कई तरह की त्रुटियां
कार्यालय सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई आवेदनों में नाम, जन्मतिथि, जाति प्रमाणपत्र तथा बैंक खाते से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं। इन त्रुटियों को सुधारने का काम जारी है।
वहीं पात्रता जांच के दौरान सरकारी या अन्य संस्थानों में कार्यरत महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर किया जा रहा है। दूसरी ओर कई महिलाओं ने शिकायत की कि दस्तावेजों में सुधार कराने के बावजूद अब तक उनके खाते में योजना की राशि नहीं पहुंची है।
लंबित मामलों के समाधान का आश्वासन
कार्यालय कर्मियों का कहना है कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और पात्र लाभुकों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रम की स्थिति पैदा कर दी गई थी। फिलहाल नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। बिरसानगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यालय पहुंची थीं। भीड़ अधिक होने के कारण सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
