रांची से जोन्हा फॉल तक खुद वाहन चलाकर पहुंचे मुख्यमंत्री

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने खुद वाहन चलाकर रांची से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जोन्हा फॉल का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद थीं।

मुख्यमंत्री के अचानक जोन्हा फॉल पहुंचने की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद पर्यटक और स्थानीय ग्रामीण उत्साहित हो गए। लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनसे मुलाकात की।

झरने का लिया आनंद, ग्रामीणों और पर्यटकों से की बातचीत

जोन्हा फॉल पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झरने और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। उन्होंने कुछ समय वहां बिताया तथा स्थानीय ग्रामीणों, दुकानदारों और पर्यटकों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।

वापसी के दौरान मुख्यमंत्री ने रास्ते में अपना काफिला रुकवाया और स्थानीय दुकानदारों से अमरूद सहित अन्य मौसमी फल भी खरीदे। उनका यह सहज और सरल अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

बोले- जंगल जीवन हैं, झरने प्रकृति का संगीत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की प्राकृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि “जंगल जीवन हैं और झरने प्रकृति का संगीत हैं। हरियाली की गोद में बसा हमारा झारखंड अद्वितीय है।”

उन्होंने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता ही राज्य की सबसे बड़ी पहचान और ताकत है। प्रकृति की गोद में बहती निर्मल जलधाराएं, घने जंगल और शांत पर्वतीय क्षेत्र यह एहसास कराते हैं कि झारखंड प्रकृति का अनुपम उपहार है। उन्होंने कहा कि यह सभी की साझा धरोहर है, जिसका संरक्षण करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

पर्यटन स्थलों के विकास पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के संरक्षण एवं विकास को प्राथमिकता दे रही है। जोन्हा फॉल जैसे पर्यटन स्थलों को अधिक सुविधाजनक और पर्यटक अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

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