गुमला : भारतमाला परियोजना के तहत कार्यरत मजदूरों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब लंबे समय से बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर उन्होंने कंपनी के कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भुगतान को लेकर हुई तीखी बहस के बाद कुछ ग्रामीणों द्वारा कंपनी के एचआर मैनेजर के साथ मारपीट किए जाने की भी सूचना है।

घटना के बाद निर्माण स्थल और कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मजदूरों का आरोप है कि परियोजना से जुड़ी कंपनी ने उनसे नियमित रूप से काम कराया, लेकिन समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।

लंबे समय से बकाया भुगतान की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई महीनों से अपने बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में कई बार कंपनी अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

मजदूरों के अनुसार बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं होने से उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। परिवार का खर्च चलाने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

नाइट गार्ड के रूप में कर रहे थे कार्य

ग्रामीण गंगा सिंह ने बताया कि सभी प्रभावित मजदूर भूमि सिक्योरिटी मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से भारतमाला परियोजना में नाइट गार्ड के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि काम पूरा करने के बावजूद कई कर्मचारियों का मेहनताना अब तक नहीं दिया गया है।

मजदूरों का आरोप है कि भुगतान में लगातार देरी होने से उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

कई कर्मचारियों का भुगतान लंबित

ग्रामीणों के अनुसार कई मजदूरों के कार्य दिवसों का भुगतान अब तक लंबित है। इनमें विराज सिंह का 20 दिन, पंकज पांडेय का 23 दिन, महादेव महतो का 21 दिन, सूरज सिंह का 58 दिन, गणेश सिंह का 34 दिन, प्रीतम कुमार का 28 दिन, गंगा सिंह का 54 दिन, रामकुमार गुप्ता का 53 दिन, लुईस मिंज का 52 दिन तथा अमर सिंह का 20 दिन का भुगतान शामिल है।

मजदूरों का कहना है कि समय पर मजदूरी नहीं मिलने के कारण कई लोग कर्ज लेकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द सभी बकाया भुगतान नहीं किए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मजदूरों की मेहनत की कमाई का भुगतान समय पर होना चाहिए। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

घटना के बाद क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। मजदूरों की नजर अब कंपनी प्रबंधन की अगली कार्रवाई और बकाया भुगतान पर टिकी हुई है।

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