कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 21 जुलाई को आयोजित होने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। कोलकाता पुलिस ने विक्टोरिया हाउस के सामने कार्यक्रम आयोजित करने के लिए तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों की अनुमति संबंधी अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है।
कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 2 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक मध्य कोलकाता के इस क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। आदेश के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
पुलिस आयुक्त ने अपने आदेश में कहा है कि विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली है कि संबंधित क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन होने की आशंका है, जिससे शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए 60 दिनों के लिए धारा 163 लागू करने का निर्णय लिया गया है।
आदेश के अनुसार, प्रतिबंधित अवधि में पांच या अधिक व्यक्तियों का गैरकानूनी जमावड़ा, बिना अनुमति सभा या जुलूस तथा लाठी, डंडे या अन्य घातक हथियारों के साथ एकत्र होने पर रोक रहेगी।
तृणमूल कांग्रेस ने जताया विरोध
कोलकाता पुलिस के इस फैसले का तृणमूल कांग्रेस के एक धड़े ने विरोध किया है। पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी ने धारा 163 लागू करने के फैसले को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक विरोध और सार्वजनिक कार्यक्रमों को इस प्रकार प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।
महुआ मोइत्रा ने भी दी प्रतिक्रिया
कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले का राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर मुकाबला करेगी। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी और आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

