रांची: रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को जल्द ही सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध होने लगेंगी। ट्रॉमा सेंटर परिसर में अमृत फार्मेसी खोलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि औषधि लाइसेंस जारी नहीं होने के कारण फिलहाल इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।

रिम्स प्रबंधन ने अमृत फार्मेसी के संचालक को लाइसेंस की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है, ताकि मरीजों को जल्द से जल्द इस सुविधा का लाभ मिल सके।

बाहर से दवा खरीदने की परेशानी होगी खत्म

वर्तमान में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कई मरीजों को ऐसी दवाएं बाहर की निजी मेडिकल दुकानों से खरीदनी पड़ती हैं, जो रिम्स के दवा भंडार में उपलब्ध नहीं होतीं। निजी दुकानों में इन दवाओं की कीमत अधिक होने से मरीजों और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

अमृत फार्मेसी शुरू होने के बाद डॉक्टरों से उन आवश्यक दवाओं की सूची ली जाएगी, जिनकी सबसे अधिक जरूरत पड़ती है और जिन्हें अक्सर बाहर से खरीदना पड़ता है। इसी सूची के आधार पर फार्मेसी में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

जेनरिक और ब्रांडेड दवाएं मिलेंगी रियायती दर पर

रिम्स के अधीक्षक डॉ. हिरेंद्र बिरुआ ने बताया कि अमृत फार्मेसी की दुकान पूरी तरह तैयार है और फिलहाल लाइसेंस की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लाइसेंस मिलते ही इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि फार्मेसी में अच्छी गुणवत्ता वाली जेनरिक और ब्रांडेड दवाएं रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे मरीजों को सस्ती और आसानी से दवाएं मिल सकेंगी।

ट्रॉमा सेंटर के आसपास खुली हैं कई निजी दवा दुकानें

वर्तमान में रिम्स ट्रॉमा सेंटर के आसपास दर्जनों निजी दवा दुकानें संचालित हो रही हैं। सेंट्रल इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती मरीजों के परिजन इन्हीं दुकानों से दवाएं खरीदते हैं। सूत्रों के अनुसार, कई दवा दुकानों के प्रतिनिधि मरीजों के बेड तक दवाएं पहुंचाने की सुविधा भी उपलब्ध कराते हैं।

रिम्स प्रशासन का मानना है कि अमृत फार्मेसी शुरू होने के बाद मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल परिसर में ही किफायती दर पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी और बाहर की दुकानों पर निर्भरता भी कम होगी।

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