रांची: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप झारखंड में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए 50 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रशिक्षण में 30 घंटे का ऑनलाइन और 20 घंटे का ऑफलाइन प्रशिक्षण शामिल है। प्रशिक्षण को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक शशि रंजन ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
15 प्रतिशत शिक्षकों ने प्रशिक्षण शुरू नहीं किया
झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से जिलों को भेजे गए पत्र के अनुसार, राज्य के 15 प्रतिशत शिक्षकों ने अब तक ऑनलाइन प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की है। वहीं 41 प्रतिशत शिक्षकों ने प्रशिक्षण शुरू तो किया, लेकिन उसे अब तक पूरा नहीं किया है।
परियोजना निदेशक ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा कराया जाए।
21 जुलाई तक पूरा करना होगा प्राथमिक शिक्षकों का प्रशिक्षण
राज्य में कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण 23 अप्रैल से शुरू हुआ था, जिसकी अंतिम तिथि 21 जुलाई निर्धारित की गई है।
इसके अलावा अब कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षकों के लिए भी ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। इन शिक्षकों के प्रशिक्षण की अवधि 2 जुलाई से 30 सितंबर तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
आवश्यकता आधारित मॉड्यूल से होगा प्रशिक्षण
शिक्षा विभाग के अनुसार, शिक्षकों का प्रशिक्षण आवश्यकता आधारित आकलन परीक्षा के परिणामों के अनुरूप कराया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, ताकि शिक्षण कौशल को और प्रभावी बनाया जा सके।
मूल्यांकन के बाद मिलेगा ऑनलाइन प्रमाण पत्र
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षकों की एक घंटे की ऑनलाइन मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह मूल्यांकन जे गुरुजी एप के माध्यम से होगा। परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद संबंधित शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
समय पर प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
झारखंड शिक्षा परियोजना ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक शिक्षक का प्रशिक्षण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। जो शिक्षक तय समय में प्रशिक्षण पूरा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
