रांची: झारखंड की राजधानी रांची में वर्ष 2019 में बड़े दावों के साथ शुरू की गई पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम (पीसीएसएस) योजना आखिरकार बंद हो गई है। ऑपरेटर कंपनी चार्टर्ड स्पीड के साथ हुए करार की अवधि अप्रैल 2025 में समाप्त होने के बाद कंपनी ने करीब एक वर्ष तक सेवा जारी रखी, लेकिन राज्य सरकार से आगे संचालन की अनुमति नहीं मिलने पर सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई। इसके साथ ही राजधानी में साइकिल शेयरिंग सिस्टम का संचालन ठप हो गया है।
करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी योजना अब बंद हो चुकी है।
1200 स्मार्ट साइकिलों की योजना नहीं हो सकी सफल
मार्च 2019 में शुरू हुई इस परियोजना के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में 1200 स्मार्ट साइकिलें उपलब्ध कराई गई थीं। इसके लिए लगभग 60 साइकिल स्टैंड बनाए गए थे। शुरुआती दिनों में छात्रों, युवाओं और नौकरीपेशा लोगों ने इस सुविधा का अच्छा उपयोग किया, लेकिन समय के साथ इसका उपयोग लगातार घटता गया।
कोविड-19 महामारी के बाद योजना की स्थिति और खराब होती चली गई। रखरखाव की कमी, तकनीकी खामियों, साइकिलों की चोरी और पुर्जे चोरी होने जैसी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में साइकिलें अनुपयोगी हो गईं। कई साइकिलें गोदामों में कबाड़ बनकर रह गईं।
भुगतान विवाद और तकनीकी समस्याओं ने बढ़ाई मुश्किलें
परियोजना के संचालन में ऑपरेटर एजेंसी और रांची स्मार्ट सिटी प्रबंधन के बीच भुगतान को लेकर विवाद भी बड़ी वजह बना। समय पर भुगतान नहीं मिलने से संचालन और रखरखाव प्रभावित हुआ।
इसके अलावा शहर में समर्पित साइकिल ट्रैक का अभाव, मोबाइल ऐप में तकनीकी दिक्कतें और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के कारण लोगों का इस सेवा पर भरोसा कम होता गया। धीरे-धीरे साइकिलों का उपयोग घटता गया और परियोजना निष्क्रिय हो गई।
आगे भी साइकिल संस्कृति को बढ़ावा देने की तैयारी
रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक राकेश नंदकुलियार ने बताया कि साइकिल शेयरिंग सिस्टम संचालित करने वाली कंपनी को अवधि विस्तार नहीं दिया गया है। करार समाप्त होने के कारण कंपनी ने सेवा बंद कर दी है।
उन्होंने कहा कि रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन शहर में साइकिल चलाने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी प्रयास जारी रखेगा और इस दिशा में नई संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
