गढ़वा: जिले में अवैध बालू खनन और उसके अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के निर्देश पर विभिन्न मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच की गई। इस जांच के दौरान अवैध रूप से बालू परिवहन में संलिप्त 13 ट्रैक्टरों की पहचान की गई है।
प्रशासन द्वारा चिन्हित सभी वाहनों की सूची जिला खनन विभाग को सौंप दी गई है। साथ ही इनके खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश भी जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों और ट्रैक्टर संचालकों में हड़कंप मच गया है।
एक ही नंबर प्लेट पर चल रहे थे तीन ट्रैक्टर
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि कुछ ट्रैक्टर बिना किसी पंजीकरण संख्या के सड़कों पर संचालित किए जा रहे थे, जिससे कार्रवाई के दौरान उनकी पहचान मुश्किल हो सके।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तीन अलग-अलग ट्रैक्टरों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित मिला। एक नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर तीन-तीन वाहनों से बालू की ढुलाई किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर धोखाधड़ी माना है। अधिकारियों ने संबंधित वाहनों की विस्तृत जांच कराने और दोषियों के खिलाफ जालसाजी सहित अन्य कानूनी धाराओं में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
अवैध खनन और सड़क दुर्घटनाओं पर भी फोकस
सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि जिले में अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम कर रहा है। अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सीसीटीवी निगरानी, तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचनाओं का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना नंबर वाले वाहनों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों की चोरी रोकना ही नहीं, बल्कि रात के समय तेज रफ्तार और बिना पहचान वाले वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं तथा कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं पर भी नियंत्रण स्थापित करना है।
एसडीएम ने चेतावनी दी कि अवैध बालू कारोबार में शामिल वाहन मालिकों, संचालकों और सिंडिकेट के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

