विधानसभा कर्मी अंजना तिवारी की मौत पर बढ़ा विवाद
रांची: अंजना तिवारी की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद विधानसभा कर्मियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
गुस्साए कर्मचारियों ने विधानसभा परिसर में अंजना तिवारी के शव के साथ विरोध प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कर्मचारियों के प्रदर्शन से पूरे विधानसभा परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
परिजनों और कर्मचारियों का आरोप है कि अंजना तिवारी सामान्य स्थिति में खुद पैदल चलकर सेंटेविटा अस्पताल में गॉल ब्लैडर ऑपरेशन के लिए भर्ती हुई थीं, लेकिन इलाज के दौरान कथित लापरवाही के कारण उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जयराम महतो ने निजी अस्पतालों पर उठाए सवाल
मामले को लेकर जयराम महतो ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, जब निजी अस्पतालों पर लापरवाही के आरोप लगे हों।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी अस्पताल मरीजों को केवल कमाई का माध्यम समझते हैं और इलाज से ज्यादा ध्यान पैसे की वसूली पर केंद्रित रहता है।
पांच विधायकों की जांच कमिटी बनाने की मांग
जयराम महतो ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पांच विधायकों की कमिटी गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच कमिटी में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने से पारदर्शिता बनी रहेगी और सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामले में किसी भी प्रकार की लीपापोती नहीं होनी चाहिए। विधायक ने सिविल सर्जन स्तर की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले भी कई जांच हुईं, लेकिन उनका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार निजी अस्पतालों का प्रभाव प्रशासनिक अधिकारियों तक बना रहता है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित होती है।
विधानसभा कर्मियों के आंदोलन को दिया समर्थन
जयराम महतो ने कहा कि वह विधानसभा कर्मियों के आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने अंजना तिवारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की बात कही। साथ ही सरकार और प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

