लातेहार : महुआडांड़ प्रखंड में क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत बंदी आदेश के बावजूद अवैध रूप से चल रहे निजी क्लीनिकों का मामला गंभीर हो गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद मामले का संज्ञान लेते हुए लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार ने सिविल सर्जन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में 11 में से 9 संस्थान पाए गए अवैध
5 मई को सीएचसी और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने महुआडांड़ क्षेत्र में निजी क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया था। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
रिपोर्ट के अनुसार 11 संस्थानों में से अधिकतर या तो बिना पंजीकरण के पाए गए या बंद स्थिति में थे। कुछ क्लीनिकों का कोई वैध रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि आदेश के बावजूद कई क्लीनिक अब भी खुलेआम संचालित हो रहे हैं और मरीजों का इलाज जारी है, जिससे लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है।
डीसी और सिविल सर्जन ने दिए सख्त निर्देश
लगातार शिकायतों और जन आक्रोश के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन ने महुआडांड़ स्वास्थ्य विभाग को सभी अवैध संस्थानों को तुरंत सील करने और संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
ग्रामीणों की मांग: जमीन पर दिखे कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ नोटिस और कागजी आदेशों से स्थिति नहीं बदलेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी अवैध क्लीनिकों को तत्काल बंद कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब मरीजों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
