रांची: डकरा में केंद्रीय विद्यालय शुरू होने के बाद विद्यालय परिसर स्थित खेल मैदान को स्थानीय खिलाड़ियों और मॉर्निंग वॉकरों के लिए बंद कर दिया गया है। इस फैसले के बाद सीसीएल ऑफिसर्स कॉलोनी के निवासियों, विशेषकर महिलाओं, खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि वर्षों से यह मैदान स्थानीय खेल गतिविधियों और सुबह-शाम टहलने के लिए उपयोग किया जाता रहा है।

20 वर्षों से चल रहा था खिलाड़ियों का प्रशिक्षण

खलारी क्रिकेट अकादमी के संचालक राम कुमार और वुशू प्रशिक्षक रजी अहमद ने बताया कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से इसी मैदान में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस दौरान यहां खेलों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

उन्होंने बताया कि क्रिकेट खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए कंक्रीट पिच और नेट की व्यवस्था की गई है, जिससे बरसात के मौसम में भी नियमित अभ्यास संभव होता है। वहीं, वुशू खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए भी मैदान को आवश्यक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

विद्यालय प्रबंधन ने प्रवेश पर लगाई रोक

प्रशिक्षकों का आरोप है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने अचानक मैदान में स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी। उनका कहना है कि जब इस संबंध में विद्यालय के प्राचार्य से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि “दिल्ली से आदेश लेकर आइए, तभी मैदान में प्रवेश मिलेगा।”

एनके प्रबंधन ने विद्यालय प्रशासन पर छोड़ा फैसला

मामले की जानकारी एनके प्रबंधन को भी दी गई। प्रशिक्षकों के अनुसार, प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि परिसर केंद्रीय विद्यालय प्रशासन को सौंप दिया गया है, इसलिए मैदान के उपयोग से संबंधित निर्णय अब विद्यालय प्रबंधन ही करेगा।

स्थानीय खिलाड़ियों, मॉर्निंग वॉकरों और क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि खेल मैदान को निर्धारित समय के लिए स्थानीय खिलाड़ियों और आम नागरिकों के उपयोग हेतु फिर से खोला जाए, ताकि वर्षों से संचालित खेल गतिविधियां प्रभावित न हों।



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